लेकर आया रे कांवड़
तेरे द्वार
कि भोले अब दर्शन दो
लेकर आया रे कांवड़
तेरे द्वार
कि भोले अब दर्शन दो
पावन पावन है पावन
सावन मास
कि भोले अब दर्शन दो
चलके आया नंगे पैरों
तेरे द्वार
कि भोले अब दर्शन दो
छाले पड़ गये रे
पैरों में भोलेनाथ
कि भोले अब दर्शन दो
लेकर आया रे कांवड़
तेरे द्वार
कि भोले अब दर्शन दो
लेकर आया रे कांवड़
तेरे द्वार
कि भोले अब दर्शन दो
शीश से निकली गंगा से
फिर से तुम्हे नहलायें।
बेल है प्यारा तुमको भगवन
सेवा मे वो भी लाये
करत प्रतीक्षा घड़ियाँ बीती
अब तो रहा ना जाये
लेकर आया रे कांवड़
तेरे द्वार
कि भोले अब दर्शन दो
लेकर आया रे कांवड़
तेरे द्वार
कि भोले अब दर्शन दो
लेकर आया रे कांवड़
तेरे द्वार
कि भोले अब दर्शन दो
लेकर आया रे कांवड़
तेरे द्वार
कि भोले अब दर्शन दो
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Lyrics- Keshav Kumar Pandey
Category- Bhajan
Producer- Bhakti Bhajan Anand
Label- Bhakti Bhajan Anand

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