सुनावे गारी हरे-हरे,
सुनावे गारी हरे-हरे,
सुनावे गारी मुरली में!
मैया तेरो मदन गोपाल,
सुनावे गारी हरे-हरे,
सुनावे गारी हरे-हरे,
सुनावे गारी मुरली में!
मैया तेरो मदन गोपाल,
जब माखन बेचन को जाऊँ,
डगरे में मिल जावे ।
अरे मटकी छीन ले ये माखन
ठाड़ो सींग दिखावे
सुनावे गारी हरे-हरे,
सुनावे गारी मुरली में!
मैया तेरो मदन गोपाल,
कहने की नही बात री मैया,
कहे लाज मोहे आवे
जब नाहवे जमुना में जाऊं
गोपिन के चीर चुरावे
सुनावे गारी हरे-हरे,
सुनावे गारी मुरली में!
मैया तेरो मदन गोपाल,
ग्वाल बाल सब सखा रि इसके,
चोरी इन्हें सिखावें ।
दही चुरावे माखन खावे,
और दोष हमरा पावे ॥
सुनावे गारी हरे-हरे,
सुनावे गारी मुरली में!
मैया तेरो मदन गोपाल,
सुनावे गारी हरे-हरे,
सुनावे गारी मुरली में!
मैया तेरो मदन गोपाल
सुनावे गारी हरे-हरे,
सुनावे गारी मुरली में!
मैया तेरो मदन गोपाल।

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